CMS&ED डिप्लोमा धारक ग्रामीण प्राथमिक उपचार केन्द्र पर संचारी एवं गैर संचारी बिमारियाँ तथा अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याये जैसें मलेरिया, टायफायड हैजा, कालरा, डायरिया, डिसेन्ट्री, खसरा, चेचक, काली खाँसी, पीलिया, निमोनिया, टी.बी., फाइलेरिया, पोलियों, शुगर, गलसुआ, एनीमिया, मधुमेह, ब्लड प्रेशर (रक्त चाप), सर्दी जुकाम, मौसमी बुखार, कुपोषण, फोड़ा-फुन्सी, घाव, चोट, जलना, सड़क दुर्घटना, पानी में डुबना, सर्प दंस, कुत्ते एंव अन्य जानवर के काटने से होने वाली बिमारियाँ जैसे- रेबीज आदि किशोरा अवस्था में होने वाली समस्या, वृद्धावस्था में होने वाली समस्या, गर्भावस्था में होने वाली समस्या, स्तनपान कराने वाली स्त्रियों को होने वाली समस्या, जनन रोग, मानसिक रोग, जनसंख्या वृद्धि की समस्या, नशा जनित रोग, रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी आदि बिमारियों का प्राथमिक स्तर पर पहचान, बचाव एंव रोकथाम हेतु कार्य करना। भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित जनकल्याणकारी योजना जैसे- मिशन इन्द्रधनुष टिकाकरण, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम आदि योजनाओं का लाभ आम-जन तक पहुँचाने में सहयोग करना तथा किसी अचानक बिमार एंव दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति का W.H.O. द्वारा निर्धारित 42 एलोपैथिक दवाओं का उपयोग करतें हुए प्राथमिक उपचार करना।CMS&ED डिप्लोमा धारक ग्रामीण प्राथमिक उपचार केन्द्र पर संचारी एवं गैर संचारी बिमारियाँ तथा अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याये जैसें मलेरिया, टायफायड हैजा, कालरा, डायरिया, डिसेन्ट्री, खसरा, चेचक, काली खाँसी, पीलिया, निमोनिया, टी.बी., फाइलेरिया, पोलियों, शुगर, गलसुआ, एनीमिया, मधुमेह, ब्लड प्रेशर (रक्त चाप), सर्दी जुकाम, मौसमी बुखार, कुपोषण, फोड़ा-फुन्सी, घाव, चोट, जलना, सड़क दुर्घटना, पानी में डुबना, सर्प दंस, कुत्ते एंव अन्य जानवर के काटने से होने वाली बिमारियाँ जैसे- रेबीज आदि किशोरा अवस्था में होने वाली समस्या, वृद्धावस्था में होने वाली समस्या, गर्भावस्था में होने वाली समस्या, स्तनपान कराने वाली स्त्रियों को होने वाली समस्या, जनन रोग, मानसिक रोग, जनसंख्या वृद्धि की समस्या, नशा जनित रोग, रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी आदि बिमारियों का प्राथमिक स्तर पर पहचान, बचाव एंव रोकथाम हेतु कार्य करना। भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित जनकल्याणकारी योजना जैसे- मिशन इन्द्रधनुष टिकाकरण, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम आदि योजनाओं का लाभ आम-जन तक पहुँचाने में सहयोग करना तथा किसी अचानक बिमार एंव दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति का W.H.O. द्वारा निर्धारित 42 एलोपैथिक दवाओं का उपयोग करतें हुए प्राथमिक उपचार करना।